समस्तीपुर। जिले के लाटबसेपुरा पंचायत के वार्ड संख्या 8 में स्थित एक विशाल और प्राचीन बरगद का पेड़ अपनी अनूठी बनावट और ऐतिहासिक महत्व के बावजूद आज भी व्यापक पहचान का इंतजार कर रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह बरगद करीब 200 वर्ष से भी अधिक पुराना है और वर्षों से गांव की पहचान बना हुआ है। इस बरगद की विशेषता इसकी सैकड़ों हवाई जड़ें हैं, जो जमीन तक पहुंचकर एक प्राकृतिक संरचना का निर्माण करती हैं। दूर से देखने पर यह स्थान किसी छोटे जंगल जैसा प्रतीत होता है। इसकी छांव में एक साथ बड़ी संख्या में लोग बैठ सकते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस विशाल बरगद के बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है। यदि समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया के जरिए इसका प्रचार-प्रसार किया जाए तो यह स्थान समस्तीपुर जिले के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो सकता है। प्रकृति प्रेमी, फोटोग्राफर और पर्यटक यहां आकर इस अद्भुत प्राकृतिक धरोहर का आनंद ले सकते हैं। 200 साल पुराना बरगद बनेगा पर्यटन का केंद्र? लाटबसेपुरा के लोगों ने उठाई मांग स्थानीय लोगों ने प्रशासन से भी मांग की है कि इस ऐतिहासिक बरगद को संरक्षित किया जाए और इसके आसपास बुनियादी सुविधाएं विकसित कर इसे पर्यटन स्थल के रूप में पहचान दिलाई जाए। आज जरूरत है कि लाटबसेपुरा के इस अनमोल प्राकृतिक धरोहर की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इसकी ऐतिहासिक और पर्यावरणीय महत्ता को समझ सकें। Post navigation दरभंगा में शोरूम मैनेजर की निर्मम हत्या, नौकरी से निकाले जाने की रंजिश में कर्मचारी ने उतारा मौत के घाट नदी पर पुल तैयार, रास्ता गायब! छह महीने से उद्घाटन और उपयोग का इंतजार कर रहा करोड़ों का प्रोजेक्ट