समस्तीपुर: शहर के बाजार समिति परिसर में हल्दी में सीसा (लेड) की मिलावट को लेकर जागरूकता एवं जांच अभियान चलाया गया। स्वास्थ्य विभाग, बिहार के खाद्य संरक्षा प्रकोष्ठ के सहयोग से प्योर अर्थ इंडिया (Pure Earth India) और उद्यम मंत्र भारत लिमिटेड द्वारा “फूड सेफ्टी हेल्थ चेक” अभियान आयोजित किया गया। अभियान के दौरान व्यापारियों और विक्रेताओं को हल्दी में सीसा मिलावट से होने वाले संभावित स्वास्थ्य नुकसान के बारे में जानकारी दी गई। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार हल्दी में लेड की अधिकतम स्वीकार्य मात्रा 10 माइक्रोग्राम प्रति ग्राम (µg/g) बताई गई। मौके पर पोर्टेबल एक्स-रे फ्लोरेसेंस (pXRF) मशीन से हल्दी के नमूनों की जांच की गई। अभियान में शामिल टीम के अनुसार, कुछ नमूनों में लेड की मात्रा निर्धारित मानक से अधिक पाई गई। जांच में करीब 50 प्रतिशत हल्दी की गांठों में अपेक्षाकृत अधिक लेड पाया गया, जबकि बाकी नमूने सुरक्षित पाए गए। अभियान के दौरान व्यापारियों को सलाह दी गई कि वे हल्दी की खरीद केवल विश्वसनीय और सुरक्षित स्रोतों से करें। साथ ही संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री से बचने को कहा गया। खाद्य संरक्षा विभाग की ओर से विक्रेताओं को चेतावनी दी गई कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। अभियान में खाद्य संरक्षा विभाग के अभिहित पदाधिकारी अशोक कुमार सिन्हा के निर्देशन में समस्तीपुर के खाद्य संरक्षा पदाधिकारी रामा स्वामी वेंकट रमण शर्मा, प्योर अर्थ इंडिया के प्रोग्राम मैनेजर पोंशियन केरकेट्टा, उद्यम मंत्र भारत लिमिटेड के निदेशक सौरभ समदर्शी सहित अन्य टीम सदस्य मौजूद रहे। नोट: मौके पर pXRF से की गई जांच एक स्क्रीनिंग जांच है। किसी नमूने में मिलावट की अंतिम पुष्टि के लिए मान्य प्रयोगशाला परीक्षण आवश्यक हो सकता है। Post navigation ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के रूट में बदलाव की मांग को लेकर मुसरीघरारी में धरना-प्रदर्शन समस्तीपुर में सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का जागरूकता अभियान शुरू, डीएम ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जागरूकता रथ