मुसरीघरारी। पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित रूट में बदलाव की मांग को लेकर गुरुवार को मुसरीघरारी में धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रस्तावित रूट से प्रभावित होने वाले लगभग 140 घरों एवं दुकानों तथा केएसआर कॉलेज को नुकसान से बचाने के लिए रूट में बदलाव की मांग की। धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व सुरेश महतो, उमेश झा एवं सुशील यादव ने किया। मौके पर उप प्रमुख संजीव ठाकुर, सामाजिक कार्यकर्ता रंजीत निर्गुणी, अमरेश झा, रंजीत कुमार सहनी, विजय झा, किशोरी प्रसाद साह, संजीव इनक़लाबी समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्तमान प्रस्तावित रूट से लगभग 140 घर और दुकानें प्रभावित होने की आशंका है। इसके अलावा केएसआर कॉलेज को भी नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है। लोगों ने सरकार एवं संबंधित विभाग से जनहित में प्रस्तावित रूट की पुनः समीक्षा कर वैकल्पिक मार्ग पर विचार करने की मांग की। सामाजिक कार्यकर्ता रंजीत निर्गुणी ने कहा कि विकास कार्य का कोई विरोध नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर बड़ी संख्या में लोगों के घर-दुकान प्रभावित करना और शिक्षण संस्थान को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनहित में रूट की समीक्षा कर ऐसा विकल्प तलाशना चाहिए, जिससे एक्सप्रेसवे का निर्माण भी हो और आम लोगों को कम से कम नुकसान उठाना पड़े। धरना-प्रदर्शन के दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच नोक-झोंक भी देखने को मिली। प्रशासन की ओर से यातायात बाधित नहीं करने की अपील की गई, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे रहे। इस दौरान कुछ देर के लिए मौके पर तनाव की स्थिति भी बनी रही। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आगे भी आंदोलन को जारी रखा जाएगा। उन्होंने सरकार से लोगों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए एक्सप्रेसवे के रूट में आवश्यक बदलाव करने की मांग की। Post navigation मुसरीघरारी में हथियार के बल पर युवक से 25 हजार रुपये और मोबाइल छीनने का आरोप, थाने में दिया आवेदन समस्तीपुर बाजार समिति में हल्दी की जांच, कुछ नमूनों में मानक से अधिक मिला सीसा