मुसरीघरारी (समस्तीपुर)। नगर पंचायत मुसरीघरारी में कचरा प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में खुले में कचरा जलाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

Ground Report

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था नहीं होने के कारण कई जगहों पर खुले में कचरा जलाया जा रहा है। जलते हुए कचरे से निकलने वाला धुआं आसपास के इलाकों में फैल रहा है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन, खांसी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को हो रही है। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, प्लास्टिक और अन्य ठोस कचरे को खुले में जलाने से जहरीली गैसें निकलती हैं, जो पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक होती हैं। वहीं, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के तहत खुले में कचरा जलाना प्रतिबंधित माना गया है।
स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन से मांग की है कि कचरा प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा खुले में कचरा जलाने की प्रथा पर तत्काल रोक लगाई जाए। लोगों का कहना है कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और इस दिशा में प्रशासन को गंभीर कदम उठाने चाहिए।

क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर शीघ्र कार्रवाई करेंगे और कचरा निस्तारण की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।

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